Sushant…

I woke up this Monday morning at 6.30 AM hoping to start this week on a positive note while keeping a note of immediate action items for the day. It was not to be though, as soon as I picked my phone, it flashed the news of demise of the very bright young movie star,…

Man Made

The man made Gods… The spirit lies in the faith! Anything Man made

यक्षप्रश्न!

“का हो, लंका चलबा?”, जूही के घर से निकलते ही सामने वाली गली में ही एक रिक्शेवाला दिख गया और मैंने तपाक से मौक़े का फ़ायदा उठाते हुए उससे पूछ लिया। हाँ, ४४ डिग्री तपती धूप में घर से निकलते ही रिक्शे का मिल जाना, मौक़े का फ़ायदा ही कहलाता है। “एकदम भईया, यही बदके…

Resetting Humanity – through its transactions..

There have been flood of intellectual opinions on different aspects of how COVID-19 is going to change the world, ranging from work culture to economic models, the role of technology and so on. Comparison have been drawn with some of the earlier crisis in history and how human coped up. Many have attempted to instill…

प्रबुद्ध लॉकडाउन!

“कहाँ गए थे तुम, क्यूँ गए थे बाहर। हज़ार बार समझाया जा चुका है इस लड़के को लेकिन इसके उजड्डता की कोई सीमा ही नहीं है। पता नहीं कैसी कैसी संगति पाल रखी है। बिलकुल हाथ से निकल चुका है यह, इसके लिए इसके दोस्त और क्रिकेट हम सबसे आगे है”, गार्गी बहुत दिनो बाद…

Digitally Spiritual..

Someone told me recently, “the world is becoming atheistic in nature at a vary fast pace”. “There is going to be no space for religions in near future, thanks to the new digital world, we are entering into”, he observed. Futurists across the world, seem to be in agreement that many of the current social,…

मूर्ख बना गया ना,,,

यह लगातार तीसरा सप्ताह था जब अभ्युदय देर रात दो तीन बजे तक अपने कमरे में बंद, टेलीकॉन्फ़्रेन्स में व्यस्त रहा। यह कॉंट्रैक्ट अगर ना मिला तो आगे क्या होगा, इसका अंदाज़ा भी लगाने की अनुमति उसने स्वयं को नहीं दी थी। ‘अभी’ कि आदत है, फ़ोन पर टहलते हुए बात करने की, सम्भव है…

पारो और चारो!

उस रात, बरसात जैसे रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। बिन मौसम के इस बरसात ने, रात की ठंडक को और बढ़ा दिया था। नवम्बर में भी कोई बरसात होती है?! दिवाली गुज़रे अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ था, की इस एकाएक अनपेक्षित बरसात ने सबको ठंड से कुड़कुड़ाने को मजबूर कर…

Kaal Chakra!

Did it really happen? Yes it did, the warmth of the blood sprinkling out of my intestine just made an impression on my senses to acknowledge that the acquaintance with a bullet is no more restricted to a cinematic experience but my body has just been subjected to it. Pain is still in queue to…